How to do Surya Namaskar in Different Ways

दोस्तों, आज हम आपके बीच फिर से हाजिर हैं एक और जानकारी लेकर| आज हम ऐसे विषय पर बात करेंगे जो सीधे तौर पर आपकी सेहत से जुड़ा हुआ है| जी हां| हम बात कर रहे हैं योग में एक बहुत ही महत्वपूर्ण आसान सूर्यनमस्कार की| हमने ये तो बहुत सुना है की Surya Namaskar करना हमारे शरीर के लिए लाभदायक है| साथ ही Surya Namaskar हमें कई प्रकार के रोगों से भी बचाता है| पर विज्ञान इस बारे में क्या कहता है ये भी तो जानना जरूरी है| तो चलिए जानते हैं की Surya Namaskar को लेकर वैज्ञानिकों की राय क्या है?

विज्ञान का मानना है कि Surya Namaskar एक ऐसा योग है जिसको करने के बाद अगर आप कोई और व्यायाम ना भी करें तो भी काम चल जाएगा| Surya Namaskar ऐसा योग है जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है| Surya Namaskar का शाब्दिक अर्थ है सूर्य को अर्पण करना| पौराणिक ग्रंथों में भी Surya Namaskar को सर्वप्रथम बताया गया है| ऐसा माना जाता है की जब रावण और भगवान राम के बीच युद्ध होने वाला था तब श्री राम ने भी युद्ध में उतरने से पहले Surya Namaskar किया था| सम्पूर्ण रूप से सूर्य नमस्कार करने के बाद ही श्री राम, दैत्य रावण का वध करने के लिए युद्ध भूमि में उतरे थे| सूर्य नमस्कार द्वारा सूरज की वंदना और अभिवादन किया जाता है| सूर्य ऊर्जा का स्रोत माना जाता है| भारत के प्राचीन ऋषियों के द्वारा ऐसा कहा जाता है कि शरीर के विभिन्न अंग विभिन्न देवताओं के द्वारा संचालित होते हैं| हमारे शरीर में सात चक्र होते हैं| इन्हें कुण्डलिनी चक्र भी कहा जाता है जो इस प्रकार हैं : –

  • मूलाधार चक्र 
  • स्वादिष्ठान चक्र 
  • मणिपुर चक्र 
  • अनाहत चक्र 
  • विशुद्ध चक्र 
  • आज्ञा चक्र 
  • सहस्त्रार चक्र

इन्हीं सात चक्रों में से मणिपुर चक्र का सीधा सम्बन्ध सूर्य भगवान से है| Surya Namaskar के लगातार अभ्यास से मणिपुर चक्र विकसित होता है| इससे उस व्यक्ति की रचनात्मकता और अंतर्ज्ञान बढ़ते हैं| यही मुख्य कारण था की प्राचीन समय में ऋषि मुनि Surya Namaskar करने की सलाह दिया करते थे| क्योंकि इसका नियमित अभ्यास सौर चाल को बढ़ाता है| जो रचनात्मकता और सहेज ज्ञान युक्त क्षमताओं को बढ़ाने में सहायक होता है| Surya Namaskar में 12 आसान होते हैं| इसे सुबह के समय करना बेहतर होता है| सूर्य नमस्कार के लगातार अभ्यास से शरीर में रक्त का संचार बेहतर होता है| स्वास्थय बना रहता है और शरीर रोग मुक्त भी रहता है| सूर्य नमस्कार आप कभी भी, कहीं भी और कितनी भी बार कर सकते हैं| सूर्य नमस्कार के एक चक्र में आप 12 तरह की exercise कर लेते हैं| वो इसलिए क्यूंकी Surya Namaskar में 12 चक्र होते हैं| जिससे पूरी body की exercise हो जाती है|

Surya Namaskar के बारे में तो आपको हम पूरी जानकारी देंगे ही लेकिन साथ में आपको ये भी बता दें कि अगर आप इंडिया में रहते हैं तो INDIA KA FULL FORM जानना आपके लिए बेहद जरूरी है| इसे जाने के लिए हमारा ये article जरूर पढ़ें| साथ ही अगर आपको जानना है की Best Mobile Phones Under 20000 कौन से हैं तो इस article पर भी नजर दौड़ा लें|

Surya Namaskar के लाभ

चलिए अब आपको बताते हैं की Surya Namaskar से हमें क्या क्या लाभ मिल सकते हैं| इससे आपकी रीढ़ की हड्डी और कमर के दर्द छूमंतर हो जाएंगे| क्यूंकी इसको करने से कमर और रीढ़ की अच्छी स्ट्रेचिंग हो जाती है| इसे हर रोज़ करने से धीरे धीरे आपके शरीर का दर्द चला जाता है| अगर आपका पाचन तंत्र ठीक प्रकार से काम नहीं करता है तो भी आपको सूर्या नमस्कार करना चाहिए| इससे आपका पाचन तंत्र मजबूत होगा| इसके लिए आपको करना ये है की एक चक्र में आपको 1.5 मिनट लगाने होंगे| इसके अलावा सूर्य नमस्कार करने से कितनी भी पुरानी piles की समस्या हो वो दूर हो जाएगी| सूर्य नमस्कार करने से आपकी memory power बूस्ट होती है, याददाश्त तेज़ होती है और दिमाग भी शांत और स्थिर रहता है| Surya Namaskar करने से व्यक्ति को शरीर में ताज़गी का अनुभव होता है| ये आसान करने से BP और sugar भी control में रहता है|

कौन से हैं Surya Namaskar के 12 चक्र

कौन से हैं Surya Namaskar के 12 चक्र

चलिए अब जान लेते हैं की सूर्य नमस्कार के कौन कौन से 12 चक्र हैं?

प्रणाम आसन

हस्तोत्तान आसन

हस्तपाद आसन या पश्चिमोत्तानासन

अश्वसंचाल आसन

पर्वत आसन

अष्टांग नमस्कार आसन

भुजंग आसन

पर्वत आसन

अश्वसंचाल आसन

हस्त आसन

हस्त उत्तानासन

प्रणाम मुद्रा

सूर्य नमस्कार के समय बोले जाने वाले मंत्र क्रमश

सूर्य नमस्कार के समय बोले जाने वाले मंत्र क्रमश

ॐ मित्राय नमः  

ॐ रवये नमः  

ॐ सूर्याय नमः  

ॐ भानवे नमः  

ॐ खगाय नमः  

ॐ पूष्णे नमः  

ॐ हिरण्यगर्भाय नमः  

ॐ मरीचये नमः  

ॐ आदित्याय नमः  

ॐ सवित्रे नमः

ॐ अर्काय नमः  

ॐ भास्कराय नमः

ॐ श्री सबित्रू सुर्यनारायणाय नमः 

निष्कर्ष (Conclusion)

साथियों| आज आपने सूर्य नमस्कार के बारे में जाना| आपको ये मालूम चला कि Surya Namaskar करना हमारे लिए कितना जरूरी है| दोस्तों सूर्य नमस्कार हमारी प्राचीन परम्परा है और इसे कायम रखना हमारा कर्तव्य है| आपसे फिर होगी मुलाकात एक नई जानकारी के साथ|

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